तुम्ही हो मेरी सबकुछ..........।।
हवाऐं तो ठण्डी लगती
धुप लगती सबको अच्छी
एक पल रूको तो,
तुम्हें बात बताउं सच्ची।।
जब देखा होटों को तो,
उनको पाया लाल।।
आंखें तुम्हारी ऐसी झपकी।
जो दिल हुआ बैहाल।।
अब से पहले जिसको देखा,
वे सब थी कुछ कुछ।।
जबसे मैने तुमको देखा,
तुम्ही हो मेरी सबकुछ।।
तुम्ही हो मेरी सबकुछ..........।। - भगवतीप्रसाद पुरोहित एडव्होकेट
तुम्ही हो मेरी सबकुछ..........।।
Reviewed by Bhagvati Prasad Purohit
on
जुलाई 27, 2021
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